Vidisha के Vijay Temple की तरह हूबहू दिखता है नया संसद भवन, देखिए विजय मंदिर (Vijay Mandir) अपनी विशालता और प्रसिद्धि की वजह से हमेशा से मुस्लिम बादशाहों की आंखों में गढ़ता रहा. आक्रमणकारियों ने विजय मंदिर को कई बार लूटा और तोड़ा. विदिशा: भारत के नए संसद भवन (Parliament of India) और मध्य प्रदेश के विदिशा में स्थित विजय मंदिर (Vijay Temple) की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. कई यूजर्स ने इस फोटो के साथ लिखा कि भारत का नया संसद भवन अमेरिका के पेंटागन की तरह है. वहीं दूसरे यूजर्स इसको विदिशा के विजय मंदिर की नकल भी बता रहे हैं. 1/5 एक ही जैसे दिखते हैं विजय मंदिर और नया संसद भवन गौरतलब है कि भारत के नए संसद भवन का मॉडल देखने में हूबहू विदिशा के विजय मंदिर की तरह लगता है. भारत का नया संसद भवन और विजय मंदिर दोनों की आकृति त्रिभुजाकार है. ऊपर से देखने पर विजय मंदिर और भारत का नया संसद भवन एक जैसे ही लगते हैं. 2/5 चालुक्य राजा के प्रधानमंत्री ने बनवाया था विजय मंदिर चालुक्य वंशी राजा कृष्ण के प्रधानमंत्री वाचस्पति ने विदिशा में विजय मंदिर का निर्माण कर...
স্ত্রীর খুনের রক্ত দিয়ে কাস্তে হাঁতুড়ির চিত্র আর্ট করল স্বামী.............. হ্যাঁ। শুনলে অবাক হবেন কিন্তু এটা সত্য। বামপন্থা আজ কেবল একটি মতাদর্শ নয় একটি মানসিক রোগ। ঘটনা ত্রিপুরা রাজ্যের। সেই ত্রেপুরা যেখানে দীর্ঘ 25বছর কমিউনিষ্টরা সরকারে ছিল। 2018 তে নির্বাচনে ত্রিপুরার জনগণ কমিউনিষ্টদের ক্ষমতাচ্যুত করে। যেমনটা পশ্চিমবঙ্গে হয়েছিল। ত্রিপুরার দক্ষীণ জেলায় "দক্ষিণ ত্রিপুরার CPIM এর গণমুক্তি পরিষদের বিভাগীয় সম্পাদক নিজের স্ত্রীকে কুপিয়ে হত্যা করে তার রক্ত দিয়ে কাস্তে হাতুড়ি আঁকল। এবং সেই মৃত স্ত্রীকে জড়িয়ে মেঝেতে পড়েছিল ঔই ব্যাক্তি। পুলিশ খবর পেয়ে তাকে গ্রেফতার করে।(বিলোনীয়ার টিল্লাপাড়ার ঘঠনা) অভিযুক্ত :- সৌমিত্র রিয়াং এই ঘটনায় রীতিমত চাঞ্চল্য সৃষ্টি হয়েছে এলাকায়। তাই হিন্দুরা কমিউনিজম থেকে সতর্ক থাকুন এবং অন্যকে সতর্ক করুন। যারা নিজের কেউ কমিউনিজমের সথে জড়িত থাকে তাহলে তাকে এই রোগ থেকে বেড়িয়ে আসতে সাহায্য করুন এবং প্রয়োজনে মানসিক ...
মধ্যপ্রদেশে লাভজেহাদ ও ধর্মান্তকরণ বিরোধী আইনে কি কি থাকছে সংক্ষেপে দেখুন। জোরপূর্বক ধর্মান্তকরণ ও জেহাদে সহায়তা করার জন্য মাদ্রাসাগুলি, ও গীর্জা গুলির থেকে জমি ও আর্থিক অনুদানগুলি আইনের মাধ্যমে বাজেয়াপ্ত করা হবে। 2)বিধানসভায় 'ধর্মের স্বাধীনতা বিল' প্রবর্তনের আগে রাজ্য সরকার এর মধ্যে কঠোর বিধান অন্তর্ভুক্ত করেছিল। যুক্ত হওয়া নতুন বিধান অনুসারে গীর্জা, মাদ্রাসা ও বিদ্যালয়গুলিও কর্মক্ষেত্রের আওতায় আসবে। 3)রূপান্তরকরণের জন্য করা বিবাহগুলি অবৈধ হবে। 4) যদি এই জাতীয় ধর্মীয় সংগঠনগুলি জিহাদ এবং জোর করে ধর্মান্তরিতকরণের প্রক্রিয়ায় জড়িত বা সহায়তা করতে দেখা যায়, সরকার তাদের প্রদত্ত সমস্ত সুযোগ প্রত্যাহার করবে। 5)এই ধরনের ক্ষেত্রে, শিবরাজ সরকার তাদের আর্থিক অনুদান বাতিল করতে পারে এবং তাদে...