जबरन धर्मांतरण-लव जिहाद में मदद करने पर मदरसों, चर्च से छिनेगी ज़मीन और आर्थिक अनुदान
मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद (ग्रूमिंग जिहाद) को रोकने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘धर्म स्वातन्त्रय विधेयक’ को विधानसभा में पेश करने से पहले प्रदेश सरकार ने इसमें सख्त प्रावधान शामिल किए हैं। जोड़े जा रहे नए प्रावधानों के अनुसार चर्च, मदरसे और स्कूल भी कार्रवाई के दायरे में आएँगे।
धर्मांतरण के लिए की गई शादियाँ होंगी अमान्य
अगर इस तरह के मज़हबी संगठन ग्रूमिंग जिहाद और जबरन धर्मांतरण की प्रक्रिया में शामिल या इसमें मदद करते हुए पाए जाते हैं, तो सरकार उन्हें दी गई तमाम सुविधाएँ वापस ले लेगी। इस तरह के मामलों में शिवराज सरकार उनका आर्थिक अनुदान रद्द कर सकती है और उन्हें प्रदान की गई सरकारी ज़मीन भी वापस ले सकती है। यह विधेयक दिसंबर महीने के अंतिम हफ़्ते तक विधानसभा में पारित किया जाना है।
यह प्रावधान उन धार्मिक संगठनों पर कार्रवाई के लिए पेश किए गए हैं जो ग्रूमिंग जिहाद और धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में आर्थिक सहयोग करते हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘धर्म स्वातंत्रय विधेयक’ के तहत 10 साल की जेल और 1 लाख रुपए तक का आर्थिक दंड दिया जा सकता है। इस विधेयक के मुताबिक़ जिन शादियों का एकमात्र उद्देश्य जबरन धर्मांतरण है उन्हें पूरी तरह अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।
ज़्यादा संख्या में धर्म परिवर्तन कराने (2 या दो से अधिक लोग) पर 5 से 10 वर्ष के कारावास और कम से कम 1 लाख रुपए के आर्थिक दंड का प्रावधान है। इस मुद्दे पर अधिकारियों का कहना है कि इस विधेयक के लागू होने के बाद जो व्यक्ति अपना धर्म परिवर्तन कराना चाहता है उसे एक महीने पहले से ही जिलाधिकारी (District Magistrate) के समक्ष घोषणा पत्र (Declaration) प्रस्तुत करना होगा।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है धर्मांतरण क़ानून
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 5 दिसंबर 2020 को प्रस्तावित क़ानून पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधेयक प्रदेश सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का हिस्सा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक़, “कम उम्र की लड़कियों को षड्यंत्र के ज़रिए बहलाना-फुसलाना आसान है। बाद में उनका जीवन नरक बन जाता है। धर्म स्वातंत्रय विधेयक 2020 हमारे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ का हिस्सा है।”
इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा था, “लव जिहाद दो समुदायों के बीच धार्मिक टकराव को बढ़ावा देता है। लव जिहाद को बढ़ावा देने वाले समूह शांति व्यवस्था भंग करने और पाकिस्तान प्रायोजित कट्टरता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। इनसे निपटने के लिए ही इस विधेयक को लागू किया जा रहा है, इसके पारित होने के बाद ऐसा नहीं होगा कि सरकार से ज़मीन और अनुदान लेकर लव जिहाद और धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जाए।”
हाल ही में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रूमिंग जिहाद और जबरन धर्मांतरण के मामलों से निपटने के लिए इस मुद्दे पर क़ानून पारित किया था। क़ानून के प्रभावी होने के बाद से तमाम मामले दर्ज किए जा चुके हैं।